हम किस परम्परा के उत्तराधिकारी हैं, वह कितनी प्राचीन है, उसे आगे बढ़ाया जाना क्यों जरूरी है, जैसे प्रश्नों का उत्तर हम देश-काल की अपनी परिधि...
ए.टी.एम. को मुसलमानों का प्रतिनिधि मानने से राजनीतिक और अकादमिक स्तर पर मुसलमानों की वास्तविक स्थिति देश के सामने नहीं आ पाई है। इस न्यूनता के...