अधिमिलन प्रक्रिया की आधी-अधूरी जानकारी के कारण महाराज हरि सिंह के बारे में अनेक भ्रांतियां स्थापित कर दी गईं। उनमें में प्रमुख यह है कि वह...
जो सहज उपलब्ध है, उसमें विस्तार की सतत इच्छा ही विजिगीषु वृत्ति है। यह वृत्ति भारतीय राजनीतिक चिंतन का केंद्रीय तत्व रही है। राजनीतिक दर्शन हो,...
पैगम्बरवादी पंथ मूर्तिभंग को मानभंग का प्रमुख औजार मानते हैं और ज्ञान का अन्यधाराओं से उनकी शत्रुता उन्हें शब्दबैरी.शास्त्रबैरी बना देती है। इसलिए प्रभाव.विस्तार के लिए...