ए.टी.एम. को मुसलमानों का प्रतिनिधि मानने से राजनीतिक और अकादमिक स्तर पर मुसलमानों की वास्तविक स्थिति देश के सामने नहीं आ पाई है। इस न्यूनता के...
सूचनात्मक-संकल्पनात्मक स्तर पर लड़े जा रहे वर्तमान सभ्यतागत-संघर्ष में मीडिया-अकादमिक जगत केंद्रीय भूमिका में हैं। मीडिया और अकादमिक का गठजोड़ सबसे घातक हथियार है और संघर्ष...
या भारत और स्वच्छ भारत बनाने का लक्ष्य बॉलीवुड को स्वच्छ और नया बनाए बगैर प्राप्त नहीं किया जा सकता। असल में बॉलीवुड इन लक्ष्यों को...
संयुक्त राष्ट ने ’देशज भाषाओं का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष’ के लिए जो थीम निर्धारित की , वह अब तक की भाषायी समझ को सिर के बल खड़ी...
हिंदी के इस विस्तार के साथ उसकी प्रतिष्ठा घट रही है। इसका उपयोग अपनी पहचान के एक गौरवशाली उपकरण के रूप में करने की प्रवृत्ति दिन-ब-दिन...
भारतीय रजतपटल शत शरद ऋतुओं का द्रष्टा बन चुका है। वह शतायु हो गया है। आगामी 12-15 महीनों में कई तथ्य और तिथियां आपकी नजरों के...
सहज और मौलिक चिंतन की सर्वाधिक संभावनाएं परिवेश की भाषा में निहित होती हैं। कोई भी ऐसा समूह अथवा वर्ग जो हासिए पर हो और जिसको...
जो सहज उपलब्ध है, उसमें विस्तार की सतत इच्छा ही विजिगीषु वृत्ति है। यह वृत्ति भारतीय राजनीतिक चिंतन का केंद्रीय तत्व रही है। राजनीतिक दर्शन हो,...
आखिर समुद्र मंथन की कथा भारतीय संस्कृति के मूलभूत आदर्शों की अभिव्यक्ति की महाकथा क्यों बन गई है ?
भारतीय मनीषा, परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है, कि अवधारणा से पूरी तरह सहमत नहीं है। वह इससे एक कदम आगे जाकर सातत्य के साथ परिवर्तन...